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Friday, February 13, 2026
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संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य हेतु बरेली में हुआ भव्य यज्ञ – मुस्लिम समुदाय ने दी श्रद्धापूर्ण आहुति और प्रार्थना

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संत प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन के प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत हैं, जिनके अनुयायी देश-विदेश में लाखों की संख्या में हैं। वे अपनी प्रवचनों और भक्ति के मार्गदर्शन के लिए जाने जाते हैं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही है—बताया गया है कि उन्हें किडनी की गंभीर समस्या है और उनका नियमित डायलिसिस किया जा रहा है.

संत प्रेमानंद महाराज , जो भक्ति और प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं। देश-विदेश में उनके लाखों अनुयायी हैं। वे सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सहिष्णुता के पैरोकार हैं। कुछ समय से उनकी किडनी की गंभीर बीमारी के कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है, जिस वजह से उनकी नियमित पदयात्रा और धार्मिक गतिविधियां बाधित हुईं।​

संत प्रेमानंद महाराज की स्वास्थ्य स्थिति

महाराज की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और वे लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत बिगड़ी हुई थी, जिसके कारण 4 अक्टूबर 2025 से उनकी पदयात्रा भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी। वे मथुरा के राधा केली कुंज आश्रम में स्वस्थ्य लाभ ले रहे हैं। आश्रम प्रशासन ने भक्तों से अफवाहें न फैलाने और स्वास्थ्य से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने की अपील की है। महाराज के दर्शन करने वाले भक्तों ने बताया कि धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है और वे सीमित दर्शन भी दे रहे हैं।​

बरेली में विशेष यज्ञ का आयोजन

संत प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वस्थ्य लाभ के लिए बरेली के सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य महेशचंद्र शर्मा और अन्य विद्वानों ने श्री शिरडी साईं-खाटूश्याम सर्वदेव मंदिर में मंगलवार को विशेष यज्ञ कराया। यह यज्ञ महंत पंडित सुशील पाठक की देखरेख में सुबह सात बजे शुरू हुआ और इसमें नौ किलो वैदिक हवन सामग्री के साथ रोग नाश के मंत्रों का जाप किया गया। यज्ञ में बाबा के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की गई। यह आयोजन चिकित्सा और आध्यात्मिक लाभ के लिए समर्पित था।​​

मुस्लिम समुदाय की भागीदारी: धर्मनिरपेक्षता और भाईचारा

इस महत्वपूर्ण यज्ञ में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ शामिल हुए। एडवोकेट सोनी मलिक और उनके पति एम. मलिक के साथ अन्य मुस्लिम प्रतिनिधियों ने भी आहुति दी और संत प्रेमानंद महाराज के जल्दी स्वस्थ होने की दुआ की। यह आयोजन धार्मिक समरसता और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल बना। विभिन्न धर्मों के लोगों का एक साथ प्रार्थना करना देश में भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक माना गया।​

मुस्लिम समुदाय से प्रार्थनाएं और सहयोग

भारत ही नहीं, विदेशों से भी संत प्रेमानंद महाराज के लिए दुआएं हो रही हैं। प्रयागराज के रहने वाले सूफियान इलाहाबादी ने उमरा यात्रा के दौरान मदीना में माइक पकड़े संत का चित्र दिखाकर लोगों से दुआ करने की अपील की। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम के आरिफ खान चिश्ती ने किडनी दान करने का प्रस्ताव भी रखा था, जिसे आश्रम ने विनम्रतापूर्वक अस्वीकार किया। अजमेर की प्रसिद्ध दरगाह पर भी उनके स्वास्थ्य के लिए चादर चढ़ाकर दुआ की गई।​

प्रेमानंद

भक्तों की भावनाएं और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

संत प्रेमानंद महाराज के स्वस्थ्य लाभ की खबर से लाखों भक्तों में खुशी और श्रद्धा का संचार हुआ। आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में भक्त जमा होकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं, और ‘राधे राधे’ के जयकारे लगा रहे हैं। कई भक्तों ने उनकी प्रवचन शैली और आध्यात्मिक संदेशों की पूजा की और उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से रोका गया और सभी से आश्रम के आधिकारिक बयान पर भरोसा करने को कहा गया है।​

यज्ञ में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु

इस समारोह में पंडित सुशील पाठक, किशोरी दास, संजीव चौहान, पंडित सत्येंद्र शास्त्री, गिरिराज सिंह, संजीव मिश्रा, पत्रकार पंकज शर्मा, अशोक चौहान आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इसके अलावा, बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और प्रेमानंद के भक्त भी भाग लिए, जिन्होंने मिलकर बाबा के स्वास्थ्य की कामना की और कार्यक्रम को सफल बनाया।​

धार्मिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब की प्रस्तुति

यह यज्ञ न सिर्फ संत की उन्नति के लिए था, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक भी बना। धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर समाज ने एक साथ मिलकर मानवता और सेवा का संदेश दिया। यज्ञ की उपस्थिति में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी इस साझी संस्कृति की जड़ें और मजबूत करती है, जो भारत की पहचान रही है। ऐसे आयोजनों से देश में सहिष्णुता और सौहार्द को बढ़ावा मिलता है, जो आने वाले संकटों में सामाजिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

​उपस्थित गणमान्य लोग

इस यज्ञ में पंडित सुशील पाठक, किशोरी दास, संजीव चौहान, पंडित सत्येंद्र शास्त्री, गिरिराज सिंह, संजीव मिश्रा, पत्रकार पंकज शर्मा, अशोक चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और संत प्रेमानंद जी महाराज के शीघ्र स्वस्थ्य लाभ की कामना की.

सोशल मीडिया और मीडिया कवरेज

संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य और यज्ञ से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुईं। भक्तों और अनुयायियों ने वीडियो, पोस्ट, और दुआ-आश्वासन शेयर किए। मदीना से दुआ मांगने वाले मुस्लिम युवकों के वीडियो ने भी पूरे देश में चर्चा पैदा की। मीडिया के अनेक चैनलों और वेबसाइटों पर संत के स्वास्थ्य अपडेट और यज्ञ की प्रामाणिक जानकारी प्रकाशित हुई। इसने सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और अफवाहों को कम किया.​

संत प्रेमानंद महाराज की आध्यात्मिक महत्ता और संदेश

संत प्रेमानंद महाराज समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वे न केवल अध्यात्म, भक्ति, और आस्था के प्रकाश स्तंभ हैं, बल्कि समाज में नैतिकता, करुणा, और सेवा का संदेश भी देते हैं। उनके प्रवचनों में प्रेम, सहानुभूति, और जीवन के मूल्यों का बखान होता है, जो युवाओं एवं बुजुर्गों को एक बेहतर जीवन की ओर अग्रसर करता है। उनकी हाल की बीमारी ने भक्तों को उनकी कदर ज्यादा करने के लिए प्रेरित किया है।​


संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य लाभ हेतु बरेली में हुए यज्ञ और मुस्लिम समुदाय की भागीदारी ने एकता, प्रेम, और श्रद्धा की अद्भुत मिसाल पेश की। यह आयोजन संप्रदायों के बंधनों से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित था, जिसने पूरी समाज को प्रेरित किया। संत महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की सभी ओर कामनाएं और प्रार्थनाएं जारी हैं। इस एकता के प्रतीक से प्रेरणा लेकर समाज को भी खुशहाली और भाईचारे के पथ पर चलने की प्रेरणा मिली है।

यह घटना देश और समाज में धार्मिक सहिष्णुता, मानवता, और साम्प्रदायिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनी है, जिससे यह साबित होता है कि जब मानवता का तत्व सामने आता है तो संप्रदाय की सीमाएं मायने नहीं रखतीं।

इस प्रकार, संत प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए यह सामूहिक प्रयास न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए उम्मीदों का प्रकाश स्तंभ हैं.​

यदि आप चाहें तो इस विषय पर और अधिक विस्तार, संत के जीवन परिचय, उनकी शिक्षाओं का सार, अथवा उनके आश्रम की गतिविधियों की जानकारी भी प्रदान की जा सकती है। यह जानकारी 3000 शब्दों में संतुलित पूरी सामग्री प्रदान करने हेतु वस्तुनिष्ठ और तथ्यों पर आधारित होगी।


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